रायपुर। मनोहर गौशाला, खैरागढ़ में कामधेनु माता “सौम्या” का लगभग 23 वर्ष की आयु में संथारापूर्वक देवलोक गमन हुआ। 54 इंच लंबी पूँछ वाली एवं वर्ल्ड रिकॉर्ड से अलंकृत माता सौम्या अंतिम क्षणों में प्रभु वाणी, णमोकार मंत्र एवं भक्तामर स्तोत्र का श्रवण करती हुईं शांत भाव से देह त्याग कर गईं। उनका जीवन गौसेवा, करुणा, अहिंसा एवं जीवदया का प्रेरणास्रोत रहा।
पूज्य सौम्या माता ने अपने जीवनकाल में लगभग 142 जैन साधु-साध्वी भगवंतों तथा अनेक आचार्य भगवंतों से मांगलिक एवं णमोकार मंत्र का श्रवण किया। उन्हें सैकड़ों वैदिक संतों का भी सान्निध्य एवं दर्शन प्राप्त हुआ। प्रदेश के तीन राज्यपालों सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों ने उनके दर्शन किए। पिछले लगभग 8 वर्षों में 30,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने उनके दर्शन कर उन्हें अपनी श्रद्धा एवं आस्था का केंद्र बनाया। मनोहर गौशाला परिवार ने उक्त जानकारी दी है।
