रायपुर। ‘जय गौ माता–जय छत्तीसगढ़’ के पावन संकल्प के साथ मनोहर गौशाला खैरागढ़ द्वारा इस साल भी एक लाख से अधिक गोबर से बने दीयों का निःशुल्क वितरित किया जा रहा है। इन दीपकों को विशेष रूप से औषधीय तत्वों जैसे नीम, सीताफल पत्ता, हवन सामग्री और प्राकृतिक सुगंधित जड़ी-बूटियों के साथ बनाया गया है। ये दीये खैरागढ़ स्थित मनोहर गौशाला और रायपुर पंडरी स्थित मनोहरा साड़ी से निशुल्क प्राप्त किए जा सकते हैं। मनोहर गौशाला के ट्रस्टी डॉ. अखिल जैन (पदम डाकलिया) ने बताया कि यह दिव्य अभियान पिछले सात वर्षों से निरंतर चल रहा है। अब तक गौशाला द्वारा 6.3 लाख से अधिक गोबर के दीयों का निःशुल्क वितरण भारत के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों तक किया जा चुका है। इस वर्ष भी गौशाला परिवार द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रपति भवन, मंत्रियों, राज्यपालों सहित अन्य विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों के यहां भी दीये भेजे गए हैं। उनका कहना है कि यह अभियान देवगुरु धर्म की कृपा और गौ माता के आशीर्वाद से सतत चल रहा है। हमारा उद्देश्य केवल दीप जलाना नहीं, बल्कि प्रत्येक हृदय में ‘गौरक्षा और स्वदेशी गौरव’ की ज्योति प्रज्वलित करना है।
गोबर दीपक से पर्यावरण को ऐसे पहुंचेगा लाभ
- वातावरण को शुद्ध और पवित्र बनाते हैं।
- मच्छर, कीट एवं जीवाणु नाशक प्रभाव देते हैं।
- श्वसन रोगों से सुरक्षा प्रदान करते हैं।
- मानसिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
- घर-परिवार में सात्त्विकता और शुद्ध वायु बनाए रखते हैं।
- नकारात्मक ऊर्जा एवं दूषित वायु को दूर करते हैं।
- आध्यात्मिक वातावरण व ध्यान के लिए उपयुक्त है।
- प्राकृतिक सुगंध से मन को प्रसन्न करते हैं।
- पर्यावरण संरक्षण और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देते हैं।
- दीपक जलाने से आरोग्य, आनंद और सौभाग्य की वृद्धि होती है।
