रायपुर। सीजी तेलुगु महासंघ की महिला विंग के द्वारा रविवार, 27 जुलाई 2025 को “सावन उत्सव 2025” का भव्य आयोजन किया गया। इसमें सावन क्वीन, सावन परी जैसी स्पर्धाएं हुईं, खेल और क्विज का भी आनंद लिया गया। तेलुगु महिला उद्यमियों ने इसमें स्टॉल लगाए जिनमें खरीदारी होती रही। आयोजन में तेलुगू रीति रिवाजों की झलक देखने को मिली और छत्तीसगढ़ में रहने वाले तेलुगु परिवारों की एकजुटता भी।
पिछले 70 वर्षों से प्रदेश की सामाजिक-सांस्कृतिक विविधता को समृद्ध करते आ रहे छत्तीसगढ़ में निवासरत तेलुगु समाजजन की संख्या आज 9 लाख के करीब है। रायपुर, भिलाई-दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा और बस्तर जैसे क्षेत्रों में इस समुदाय की गहरी और सक्रिय भागीदारी देखी जाती है। इसी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और तेलुगु महिलाओं को एकसाथ जोड़ने के उद्देश्य से यह रंगारंग उत्सव मारुति मंगलम भवन, गुढियारी में संपन्न हुआ, जिसमें तेलुगु महिलाओं ने अत्यंत उत्साह और हर्षोल्लास के साथ भाग लिया।
तेलुगु रीति-रिवाजों से स्वागत
मुख्य अतिथि रायपुर की महापौर मीनल चौबे थीं, जिनका भव्य स्वागत महिला विंग की सदस्यों द्वारा पारंपरिक तेलुगु रीति-रिवाज़ों से किया गया। उनके साथ तीन पार्षदगण भी समारोह में शामिल हुए। अतिथियों ने महिलाओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की और पारंपरिक तेलुगु परिधानों की प्रशंसा करते हुए महिला शक्ति को प्रेरणादायक बताया। 380 से अधिक तेलुगु महिलाओं ने उत्सव में भाग लिया। सावन क्वीन प्रतियोगिता में कल्पना विजेता रहीं। सावन परी का खिताब जी. गौरी को प्रदान किया गया। विभिन्न खेल, क्विज़ और मनोरंजक गतिविधियाँ पूरे दिन चलती रहीं, जिनमें महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सेल्फ़ी ज़ोन और डांस सेगमेंट ने माहौल को अत्यंत जीवंत बनाए रखा।
स्टॉलों ने बढ़ा दिया आनंद
तेलुगु महिला उद्यमियों द्वारा 13 स्टॉल्स लगाए गए, जिनमें साड़ियों, बुटीक, ज्वेलरी, खाने-पीने आदि की खरीदारी ने उत्सव को और भी रंगीन बना दिया। मालाबार गोल्ड द्वारा लगाए गए स्टॉल में लकी ड्रा रखा गया, जो महिलाओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई और दोपहर 3:00 बजे शुरू हुआ यह आयोजन रात्रि 8:30 बजे तक ऊर्जा और उल्लास से भरा रहा। महिलाओं का जोश इस कदर था कि कार्यक्रम देर रात तक चलता तो भी उनकी ऊर्जा में कोई कमी नहीं आती।
रचनात्मकता का हुआ सम्मान
तेलुगु समाज की महिलाओं को एक मंच पर लाकर उनकी रचनात्मकता, संस्कृति, और सामूहिक ऊर्जा को सम्मान देने का यह आयोजन एक सफल प्रयास था। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीदेवी, राम लक्ष्मी, के. उषा, किरण, स्वाति, अनीता, सिरीचिटी कल्याणी, हरिता, संध्या, अनु, ऊषा राव, राजी पात्रों, राधा नायडू एवं समस्त तेलुगु महिला विंग – सीजी तेलुगु महासंघ, रायपुर का योगदान रहा।
