- पाटन के टोलाघाट में बर्ड वॉक का हुआ आयोजन
- विशेषज्ञों ने बताया- पक्षियों को बचाने के लिए यह जरूरी
पाटन। बर्ड काउंट इंडिया की ओर से हरेली बर्ड काउंट का आयोजन किया गया।पाटन के टोलाघाट में बर्ड वॉक में महात्मा गांधी वानिकी विश्वविद्यालय के शोधार्थी और छात्र छात्राएं शामिल हुए। टोलाघाट में मंदिर के पीछे पेड़ों में बने घोसलों मे विद्यार्थियों ने बर्ड वॉच किया।
पक्षी विशेषज्ञ राजू वर्मा के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने पक्षी दर्शन कर उनकी गणना की साथ ही घोसलों में पक्षियों के व्यवहार को करीब से जाना ।इस दौरान टोलाघाट में 33 प्रजाति की लगभग 400 पक्षियों की गणना की गई। इस कार्यक्रम का मकसद लोगों को पक्षियों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। शोधार्थियों और छात्रों ने दूरबीन और अलग-अलग कैमरों से ओपन बिल करमोरेंट नाईट हेरॉन बगुला बया मीडियम इग्रेट आदि पक्षियों के घोंसले देखे। घोसलों की सुरक्षा अंडों की सुरक्षा औऱ अभी अभी अंडे से बाहर निकले चूजों को देखना विद्यार्थियों के लिए बहुत ही रोमाचक रहा। विद्यार्थियों ने सामान्य पक्षी जैसे परपल रमप्ड सनबर्ड, ब्रॉन्ज विंग्ड जकाना, लैपविंग जैसे कई पक्षियों की तस्वीर लोगों ने अपने मोबाइल से क्लिक की।
बर्ड काउंट के विषय में वर्मा ने बताया कि पक्षियों की गणना से यह पता चल सकता है कि कुछ प्रजातियां एक विशेष क्षेत्र में क्यों एकत्रित हो रही हैं, या वे एक विशेष क्षेत्र से क्यों पलायन कर रही हैं। यह जानकारी पक्षियों के आवासों की रक्षा करने और उनके संरक्षण के प्रयासों को बेहतर बनाने के लिए उपयोग की जा सकती है।
यह कार्यक्रम बर्ड काउंट इंडिया द्वारा आयोजित किया गया। छत्तीसगढ़ में हरेली बर्ड काउंट का आयोजन 13 से 16 जुलाई 2025 तक छत्तीसगढ़ में किया गया । इस आयोजन का उद्देश्य हरेली त्योहार के दौरान पक्षियों की विविधता का दस्तावेजीकरण करना था।
बर्ड वाक में नेचर वेलफेयर के अभिषेक मैत्री सहित महात्मा गांधी विश्वविद्यालय के पीएचडी स्कोलर और विद्यार्थी दुष्यंत साहू खिलेश टेकाम हिमांशु साकेत कोसमा संध्या रोशनी प्रधान राजेश्वरी नाग सौरभ शिवम कोमल गीतांजलि ओमप्रकाश भावेश वेदप्रकाश उपस्थित रहे।
