रायपुर। प्रदेश के वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ एवं अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र आज 8 अक्टूबर से बेल्जियम, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड स्विट्जरलैंड, रोम के प्रवास पर रहेंगे। वहां वे व्याख्यान देंगे और सामाजिक कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे।
महिला और मानवाधिकार हनन के कारणों में एक प्रमुख कारण अंधविश्वास और डायन के संदेह में प्रताड़ना भी है जो एशिया, अफ्रीका सहित अनेक देशों में जारी है। डॉ. मिश्र इस विषय पर वर्षों से काम कर रहे हैं।
डॉ दिनेश मिश्र ने 2017 में यूनाइटेड नेशन्स द्वारा जिनेवा में डायन के संदेह में महिला प्रताड़ना और मानव अधिकार विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में व्याख्यान दिया था। इससे पहले 2014 में बेल्जियम में आयोजित संगोष्ठी में भी अपनी बात रखी थी। वे पिछले 30 वर्षों से जादू टोने के संदेह में महिला प्रताड़ना, उनके मानवाधिकार, अलग अलग तरह के अंधविश्वासों और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लगातार कार्य कर रहे हैं। इस सिलसिले में वे देश भर में 3000 से अधिक सभाएं कर चुके हैं। स्कूल, कॉलेजों, सामाजिक संगठनों के साथ कार्यशालाओं में 2 लाख से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर चुके हैं। छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश, असम आंध्रप्रदेश, ओडिशा, झारखण्ड, महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक में अभियान चला चुके हैं। छत्तीसगढ़ में जादू टोने के आरोप में महिला प्रताड़ना के खिलाफ जन जागरण तथा प्रदेश में कानून बनाने के लिए किये गए कार्यों को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा 2006 में प. रविशंकर शुक्ल सम्मान दिया गया है। देश भर में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास एवं अंधविश्वास निर्मूलन की दिशा में किए गए कार्यों के लिये 2007 में भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा नेशनल एवार्ड प्रदान किया जा चुका है। प्रदेश महिला आयोग द्वारा 2006 में महिला उत्पीड़न के लिए किए गए कार्यों के लिए भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।
