प्रयास म्यूजिकल ग्रुप की पहली प्रस्तुति में देर रात तक झूमे श्रोता
- खचाखच भरे हॉल में हर गाने पर बजीं तालियां,
- हेमंत कुमार से लेकर अरिजित तक, हर दौर के गीत रहे शामिल
रायपुर. मायाराम सुरजन हाल में शुक्रवार की शाम नए पुराने हिंदी फिल्मी गीतों की महफिल सजी। प्रयास म्यूजिकल ग्रुप के सदस्यों ने देर रात तक श्रोताओं को अपनी मधुर आवाज से बांधे रखा। इसमें इरा पंत, संजीव ठाकुर, अरूप मजुमदार, सुनील जार्ज, सुब्रत चौधरी, अफशां कुरैशी, शमीम कुरैशी, स्वागता डे, संगीता डे, बबलू नारायण, सुदीप दत्ता, सुमित दत्ता, केआर संतोष कुमार, श्रीदेवी मूर्ति ने गीतों को स्वर दिए।
कार्यक्रम में गायकों ने लता मंगेशकर, आशा भोंसले, कविता कृष्णमूर्ति, किशोर कुमार, मोहम्मद रफी, मुकेश, हेमंत कुमार, भूपिंदर, से लेकर उदित नारायण, अरिजित सिंह तक के गानों को स्वर दिए।
छत्तीसगढ़ पावर कंपनी से रिटायर्ड एच आर मैनेजर और अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन व टेबल टेनिस प्लेयर इरा पंत ने न सिर्फ अपनी सुरीली आवाज से तालियां बटोरीं बल्कि अपने कुशल संचालन से श्रोताओं को अंत तक बांधे रखा। सुमित दत्ता के साथ उनके गीत पायली छुनमुन छुनमुन को स्टैंडिंग ओवेशन मिला।
शमीम कुरैशी ने कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे, संजीव ठाकुर ने गुंचे लगे हैं कहने, सुमित डे ने जानम देख लो मिट गईं दूरियां, अरुप मजूमदार ने किसी नजर को तेरा, अफशां कुरैशी ने सजना है मुझे सजना के लिए, स्वागता डे ने ये समां, समां है ये प्यार का, इरा पंत ने घर जाएगी, तर जाएगी, बबलू नारायण ने चांद आहें भरेगा, सुनील जॉर्ज ने क्या नजारे, क्या सितारे, श्रीदेवी मूर्ति ने दिल ने कहा चुपके से, सुब्रत चौधरी ने आज मौसम बड़ा बेईमान है, केआर संतोष ने आजा रे आ जरा, सुदीप दत्ता ने तुमने मुझे देखा, होकर मेहरबां, संगीता डे- तुम्हीं मेरी पूजा गीत गाकर वाहवाही बटोरी।
डुएट्स को भी लोगों का भरपूर प्यार मिला। करवटें बदलते रहे (सुनील जार्ज-स्वागता डे), परदेशिया ये सच है पिया (संजीव ठाकुर-संगीता डे), तुम मिले प्यार से (संजीव ठाकुर-इरा पंत), तेरे चेहरे से नजर नहीं हटती (सुनील जार्ज-अफशां कुरैशी), हमसफर मेरे हमसफर (बबलू-अफशां कुरैशी), अपने प्यार के सपने सच हुए (सुनील जार्ज-स्वागता डे), वादा करले साजना (सुब्रत चौधरी-स्वागता डे), रात के हमसफर (संगीता डे-सुब्रत चौधरी), ले चल, ले चल मेरे जीवन साथी (बबलू नारायण-अफशां कुरैशी), ऐ मेरे हमसफर, इक जरा इंतजार (सुदीप दत्ता-संगीता डे), कई दिन से मुझे (अरूप मजूमदार-अफशां कुरैशी), चांदनी रात में इक बार तुम्हें देखा है ( स्वागता डे-सुनील जार्ज), इक प्यार का नगमा है (अफशां कुरैशी-शमीम कुरैशी) जैसे युगल गीतों ने भरपूर तालियां बटोरीं। कार्यक्रम का समापन इरा पंत व संजीव ठाकुर के गीत जानेमन-जानेमन से हुआ जिसने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।
डायरेक्टर संजीव ठाकुर ने बताया कि यह संस्था की पहली प्रस्तुति थी जिसे संगीत प्रेमियों का अभूतपूर्व प्यार मिला। छुट्टी का दिन न होते हुए भी लोग शाम साढ़े छह बजे से लेकर रात साढ़े ग्यारह बजे तक मौजूद रहे। संस्था के सदस्यों की गायकी और गीतों के चयन की श्रोताओं ने जमकर तारीफ की। हम आगे भी इस तरह के कार्यक्रम लेकर आते रहेंगे।
